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लीलाधर मंडलोई — तताँरा-वामीरो कथा

  लीलाधर मंडलोई — तताँरा-वामीरो कथा (Leeladhar Mandloi — Tantara Vamiro Katha) Class 10 Hindi Sparsh   📖 तताँरा-वामीरो कथा लेखक — लीलाधर मंडलोई कक्षा 10 हिंदी — स्पर्श ✍️ 1. लीलाधर मंडलोई : जीवन परिचय लीलाधर मंडलोई का जन्म 1954 में छिंदवाड़ा ज़िले के एक छोटे से गाँव गुढ़ी में हुआ। उनकी शिक्षा-दीक्षा भोपाल और रायपुर में हुई। प्रसारण की उच्च शिक्षा के लिए उन्हें 1987 में कॉमनवेल्थ रिलेशंस ट्रस्ट , लंदन की ओर से आमंत्रित किया गया। इन दिनों वे प्रसार भारती दूरदर्शन के महानिदेशक का कार्यभार संभाल रहे हैं। लीलाधर मंडलोई मूलतः कवि हैं। उनकी कविताओं में छत्तीसगढ़ अंचल की बोली , वहाँ की मिट्टी , लोकजीवन और जनजीवन का सजीव चित्रण दिखाई देता है। उन्होंने अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह की जनजातियों पर भी लेखन किया है। उनके लेखन में समाज , संस्कृति और लोकजीवन के प्रति गहरी संवेदनशीलता दिखाई देती है। वे केवल कविता तक सीमित नहीं रहे , बल्कि लोककथा , लोकगीत , यात्रा-वृत्तांत , डायरी , मीडिया , रिपोर्ताज और आलोचना-लेखन में भी सक्रिय रहे हैं। उनकी प्रमुख कृतियों म...