वीरेन डंगवाल — जीवन परिचय (Viren Dangwal — Jeevan Parichay)
📚 वीरेन डंगवाल — तोप
✍️ Introduction
वीरेन डंगवाल हिंदी साहित्य के ऐसे कवि हैं जिन्होंने अपनी कविताओं में समाज के सामान्य लोगों, रोजमर्रा के जीवन और हमारे आसपास मौजूद ऐसी चीजों को महत्व दिया जिन्हें हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। उनकी रचनाओं में सामान्य जीवन के अनुभवों को सरल लेकिन प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
इस लेख में हम वीरेन डंगवाल का जीवन परिचय, उनकी काव्य-विशेषताएँ, कविता का सरल भावार्थ, कठिन शब्दों के अर्थ, पंक्ति-दर-पंक्ति व्याख्या और महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर आसान भाषा में समझेंगे। यह सामग्री विशेष रूप से कक्षा 10 के विद्यार्थियों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।
👨🏫 वीरेन डंगवाल का जीवन परिचय
वीरेन डंगवाल का जन्म 5 अगस्त 1947 को उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले के कीर्तिनगर में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा नैनीताल में हुई और उच्च शिक्षा उन्होंने इलाहाबाद से प्राप्त की। वे अध्यापन के साथ-साथ पत्रकारिता से भी जुड़े रहे।
वीरेन डंगवाल की कविताओं की एक खास विशेषता यह है कि उन्होंने समाज के सामान्य लोगों और हमारे आसपास मौजूद उन छोटे-छोटे जीव-जंतुओं तथा वस्तुओं को भी अपनी कविता का विषय बनाया, जिन्हें हम अक्सर ध्यान नहीं देते। उनके काव्य में साधारण जीवन की असाधारण संवेदनाएँ दिखाई देती हैं।
उनके दो कविता-संग्रह ‘इसी दुनिया में’ और ‘दुश्चक्र में स्रष्टा’ प्रकाशित हुए। उनकी साहित्यिक उपलब्धियों के लिए उन्हें श्रीकांत वर्मा पुरस्कार और साहित्य अकादमी पुरस्कार सहित कई सम्मानों से सम्मानित किया गया।
उन्होंने अन्य भाषाओं में लिखी गई महत्वपूर्ण कविताओं का हिंदी में अनुवाद भी किया। 28 सितंबर 2015 को उनका निधन हुआ।
⭐ विद्यार्थियों के लिए याद रखने योग्य तथ्य
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विषय |
जानकारी |
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नाम |
वीरेन डंगवाल |
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जन्म |
5 अगस्त 1947 |
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जन्मस्थान |
कीर्तिनगर, टिहरी गढ़वाल |
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प्रारंभिक शिक्षा |
नैनीताल |
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उच्च शिक्षा |
इलाहाबाद |
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प्रमुख क्षेत्र |
कविता, अध्यापन और पत्रकारिता |
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कविता-संग्रह |
इसी दुनिया में, दुश्चक्र में स्रष्टा |
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प्रमुख सम्मान |
श्रीकांत वर्मा पुरस्कार, साहित्य अकादमी पुरस्कार |
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निधन |
28 सितंबर 2015 |
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