बहुपद (Polynomials)

 


बहुपद (Polynomials)


 

परिभाषा

बहुपद (Polynomial) एक ऐसा गणितीय व्यंजक है जिसमें एक या अधिक चर (variables) और संख्यात्मक गुणांक (coefficients) होते हैं। इसमें केवल गैर-ऋणात्मक पूर्णांक घात (whole number powers) वाले पद (terms) होते हैं और इन्हें जोड़, घटाव, और गुणा द्वारा जोड़ा जा सकता है।



उदाहरण: 

i. (2x2 + 3x + 5

   यह एक बहुपद है, जहाँ x एक चर (variable) है और 2, 3, 5 इसके गुणांक (coefficients) हैं। 

ii. (y3 - 4y + 6

   इसमें एक चर है और यह घनात्मक (cubic) बहुपद है।

 

महत्त्वपूर्ण बिंदु: 

- बहुपद में चर की घातें केवल गैर-ऋणात्मक (धनात्मक या शून्य)  पूर्णांक होनी चाहिए। 

- यह संक्रियाएँ (addition, subtraction, multiplication) के माध्यम से जुड़े हुए पदों का संयोजन होता है। 

- विभाजन (division) और चर का घातांक ऋणात्मक या भिन्न रूप में नहीं होता।


 

गैर-बहुपद (Non-Polynomials) के उदाहरण: 

i. (2x-1 + 3x)

यह बहुपद नहीं है क्योंकि चर का घातांक (-1) है) 

ii.  

गैर-बहुपद (Non-Polynomials) के उदाहरण

यह भी बहुपद नहीं है क्योंकि चर x का घातांक ( -1 ) के रूप में विभाजन में आ रहा है, 

= 3x + 4x-1


 

 

 

 


बहुपद के प्रकार (Types of Polynomials)


 

 

बहुपद (Polynomials) को उनकी डिग्री (degree) के आधार पर विभिन्न प्रकारों में विभाजित किया जा सकता है। डिग्री का अर्थ है बहुपद में मौजूद चर (variable) का सबसे बड़ा घातांक। आइए विस्तार से देखते हैं कि बहुपद के प्रकार कौन-कौन से होते हैं:


 

 1. स्थिरांक बहुपद (Constant Polynomial)

- परिभाषा: वह बहुपद जिसमें चर (variable) न हो, उसे स्थिरांक बहुपद कहते हैं। इसे शून्य घात का बहुपद माना जाता है क्योंकि इसमें कोई चर नहीं होता।

स्थिरांक बहुपद (Constant Polynomial) उदाहरण

- विशेषता:

  - इसकी डिग्री शून्य होती है।

  - शून्य (0) भी एक स्थिरांक बहुपद है और इसे शून्य बहुपद (zero polynomial) भी कहते हैं।


 

2. रैखिक बहुपद (Linear Polynomial)

- परिभाषा: वह बहुपद जिसकी डिग्री (1) होती है, उसे रैखिक बहुपद कहते हैं।

- सामान्य रूप: (ax + b), जहाँ (a0)

- उदाहरण: (2x + 3, 5y - 4, -x + 1)

- विशेषता:

  - इसे सरल रेखा के समीकरण की तरह दर्शाया जा सकता है।

  - इसमें केवल एक चर का घात (1) होता है।


 

3. द्विघात बहुपद (Quadratic Polynomial)

- परिभाषा: वह बहुपद जिसकी डिग्री (2) होती है, उसे द्विघात बहुपद कहते हैं।

- सामान्य रूप: (ax 2 + bx + c), जहाँ (a0)

- उदाहरण: (x 2 + 3x + 2, 2y2 - 5y + 1, 4z2)

- विशेषता:

  - इसका ग्राफ एक परवलय (parabola) होता है।

  - यह द्विघात समीकरण को हल करने में महत्वपूर्ण होता है।


 

4. घनात्मक बहुपद (Cubic Polynomial)

- परिभाषा: वह बहुपद जिसकी डिग्री (3) होती है, उसे घनात्मक बहुपद कहते हैं।

- सामान्य रूप: (ax3 + bx2 + cx + d), जहाँ (a0)

- उदाहरण: (x 3 - 3x 2 + 2x - 5, 4y3 + y2)

- विशेषता:

  - इसका ग्राफ घुमावदार होता है और यह तीन संभावित शून्य (roots) तक जा सकता है।


 

5. चतुर्थ घात बहुपद (Quartic Polynomial)

- परिभाषा: वह बहुपद जिसकी डिग्री (4) होती है, उसे चतुर्थ घात बहुपद कहते हैं।

- सामान्य रूप: (ax 4 + bx 3 + cx 2 + dx + e), जहाँ (a0)

- उदाहरण: (x 4 - 6x 3 + 11x 2 - 6x)

- विशेषता:

  - इसमें चार संभावित शून्य हो सकते हैं।

  - इसका ग्राफ परवलय के जैसे लेकिन अधिक जटिल आकार का हो सकता है।


 

 

 

 


विशेष प्रकार के बहुपद (Special Types of Polynomials)


 

 

1. एकचर बहुपद (Monomial) 

   - बहुपद जिसमें केवल एक पद हो। 

   - उदाहरण: (5x, -3y2, 7z3)


 

2. द्विपद (Binomial) 

   - बहुपद जिसमें दो पद हों। 

   - उदाहरण: (x + 2, 3y - 4z)


 

3. त्रिपद (Trinomial) 

   - बहुपद जिसमें तीन पद हों। 

   - उदाहरण: (x2 + 2x + 1,  y3 - 5y + 4)


 

 

 

 


महत्त्वपूर्ण बिंदु (Key Points)


 

- किसी भी बहुपद की डिग्री उस बहुपद में उपस्थित चर के उच्चतम घातांक के आधार पर तय होती है।

- बहुपद के विभिन्न प्रकार का चयन उसके घात के आधार पर किया जाता है।


 

 

 

 


बहुपद की डिग्री (Degree of a Polynomial)


 

बहुपद में किसी पद में चर का उच्चतम घातांक (highest power) उस बहुपद की डिग्री कहलाती है।
उदाहरण के लिए, 3
x2+2x+13, x2+2x में, चर x का उच्चतम घातांक 2 है, इसलिए यह दोनों द्विघात बहुपद है।


 

 

 

 


महत्त्वपूर्ण संक्रियाएँ (Operations on Polynomials)


1.  बहुपदों का जोड़ (Addition of Polynomials)

o    दो या अधिक बहुपदों के समान पदों का जोड़ किया जाता है।
उदाहरण:


p(x) = 2x+औरq(x) =x4 हो तो,

दोनों बहुपदों का जोड
p(
x) + q(x) = (2x+3) + (x4)
                
=
2
x + 3 + x  4

                = 3x – 1

इस प्रकार, p(x) + q(x) = (2x +3)+(x4) = 3x1


 

2.  बहुपदों का गुणा (Multiplication of Polynomials)

एक बहुपद के प्रत्येक पद को दूसरे बहुपद के प्रत्येक पद से गुणा किया जाता है।
उदाहरण:
p(x) x+और q(x) x3 हो तो,

दोनों बहुपदों का गुणा
तो, p(x) × q(x) = (x+2) (x3)

                        = x2  3x+ 2x  6

                        = x2  x  6


 

3.  बहुपदों का विभाजन (Division of Polynomials)

o    विभाजन प्रक्रिया में भागफल (quotient) और शेषफल (remainder) प्राप्त होता है।


 

 

 

 


यदि आपको किसी विशेष प्रकार पर और विस्तार से चर्चा चाहिए या कोई उदाहरण हल करना हो, तो कृपया कमेण्ट करके बताएं।


 

 

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