लीलाधर मंडलोई : तताँरा-वामीरो कथा — प्रश्न-अभ्यास (Leeladhar Mandloi : Tantara Vamiro Katha — Question Answer)
📖लीलाधर मंडलोई — तताँरा-वामीरो कथा (Leeladhar Mandloi — Tantara Vamiro Katha) Class 10 Hindi Sparsh
📖 तताँरा-वामीरो कथा: सभी प्रश्नों के उत्तर
लेखक — लीलाधर मंडलोई
🟣 मौखिक
1. तताँरा-वामीरो की कथा है?
उत्तर:
तताँरा-वामीरो की कथा अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह के निकोबारी समाज
की एक लोककथा है। यह तताँरा और वामीरो के प्रेम तथा सामाजिक रूढ़ियों के कारण
उनके दुखद अंत की कहानी है।
2. वामीरो अपना गाना क्यों भूल गई?
उत्तर:
समुद्र की एक ऊँची लहर ने वामीरो को भिगो दिया। अचानक सामने तताँरा
को देखकर वह घबरा गई और उसकी सुध-बुध खो गई, इसलिए वह
अपना गाना भूल गई।
3. तताँरा ने वामीरो से क्या याचना की?
उत्तर:
तताँरा ने वामीरो से उसका नाम बताने और अगले दिन उसी समुद्री
चट्टान पर आने की याचना की।
4. तताँरा और वामीरो के गाँव की क्या रीति थी?
उत्तर:
उनके गाँव की रीति के अनुसार विवाह के लिए लड़के और लड़की का एक
ही गाँव का होना आवश्यक था। अलग-अलग गाँवों के युवक-युवती आपस में विवाह नहीं
कर सकते थे।
5. क्रोध में तताँरा ने क्या किया?
उत्तर:
क्रोध में तताँरा ने अपनी दैवीय शक्ति वाली तलवार निकालकर उसे
अपनी ओर खींचा, जिससे धरती में दरार पड़ गई और द्वीप दो
भागों में बँट गया।
🟢 लिखित — (क)
25–30 शब्दों में उत्तर
1. तताँरा की तलवार के बारे में लोगों का क्या मत था?
उत्तर:
लोगों का विश्वास था कि तताँरा की लकड़ी की तलवार साधारण नहीं थी।
उसमें अद्भुत दैवीय शक्ति थी। तताँरा के साहसिक कारनामों के कारण यह
विश्वास और भी दृढ़ था।
2. वामीरो ने तताँरा को कैसा युवक बताया?
उत्तर:
वामीरो ने तताँरा को सुंदर, बलिष्ठ,
शांत, भोला और साहसी युवक माना। उसने उसके बारे में अनेक कहानियाँ सुन रखी थीं और उसे अपने कल्पित
जीवन-साथी जैसा पाया।
3. तताँरा-वामीरो की त्यागमयी मृत्यु से निकोबार में क्या परिवर्तन आया?
उत्तर:
तताँरा-वामीरो की मृत्यु के बाद निकोबारी समाज में परिवर्तन आया।
लोग दूसरे गाँवों में भी आपसी वैवाहिक संबंध करने लगे और पुरानी
विवाह-परंपरा में ढील आई।
4. निकोबार के लोग तताँरा को क्यों पसंद करते थे?
उत्तर:
निकोबारी लोग तताँरा को उसके नेक, साहसी,
मददगार और आत्मीय स्वभाव के कारण पसंद
करते थे। वह संकट में लोगों की सहायता करने के लिए सदैव तैयार रहता था।
🟢 लिखित — (ख)
50–60 शब्दों में उत्तर
1. निकोबार द्वीपसमूह के होने के बारे में निकोबारियों का क्या विश्वास है?
उत्तर:
निकोबारियों का विश्वास है कि प्राचीन काल में लिटिल अंडमान और
कार-निकोबार एक ही द्वीप थे। तताँरा की तलवार के कारण धरती में दरार पड़ी और
दोनों अलग हो गए। लोकमान्यता के अनुसार इसी घटना के परिणामस्वरूप आज लिटिल अंडमान
और कार-निकोबार अलग-अलग द्वीपों के रूप में स्थित हैं।
2. तताँरा खूब परिश्रम करने के बाद कहाँ गया? वहाँ के प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।
उत्तर:
दिनभर परिश्रम करने के बाद तताँरा समुद्र के किनारे टहलने गया।
उस समय सूर्य समुद्र में डूबने वाला था। समुद्र से ठंडी बयार आ रही थी और लहरों का
संगीत वातावरण को मधुर बना रहा था। समुद्र पर पड़ती सूर्य की अंतिम रंग-बिरंगी
किरणें अत्यंत सुंदर लग रही थीं।
3. वामीरो से मिलने के बाद तताँरा के जीवन में क्या परिवर्तन आया?
उत्तर:
वामीरो से मिलने के बाद तताँरा के शांत और गंभीर जीवन में पहली बार प्रेम
और प्रतीक्षा की बेचैनी आई। वह हर समय वामीरो के बारे में सोचने लगा। उसके मन
में उससे मिलने की उत्सुकता बढ़ गई और वह प्रतिदिन समुद्र के किनारे उसकी
प्रतीक्षा करने लगा।
4. प्राचीन काल में मनोरंजन और शक्ति-प्रदर्शन के लिए किस प्रकार के आयोजन किए जाते थे?
उत्तर:
प्राचीन काल में मनोरंजन और शक्ति-प्रदर्शन के लिए पशु-पर्व जैसे
आयोजन होते थे। इनमें हृष्ट-पुष्ट पशुओं का प्रदर्शन किया जाता था तथा युवकों के
बीच शक्ति-परीक्षा की प्रतियोगिताएँ होती थीं। इसके बाद नृत्य, संगीत और सामूहिक भोजन का आयोजन भी किया जाता था।
5. रूढ़ियाँ जब बंधन बन बोझ बनने लगीं तब उनका टूट जाना ही अच्छा है। क्यों? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
जो परंपराएँ समाज को जोड़ती हैं और मानव जीवन को बेहतर बनाती हैं,
वे उपयोगी हैं। लेकिन जब वही रूढ़ियाँ मनुष्य की स्वतंत्रता,
प्रेम और सुख में बाधा बनने लगें तो उनका
बदलना आवश्यक है। तताँरा-वामीरो की कथा बताती है कि संकीर्ण विवाह-परंपरा ने उनके
प्रेम को रोक दिया, इसलिए बाद में समाज ने उसे बदल दिया।
🟠 लिखित — (ग)
आशय स्पष्ट कीजिए
1. “जब कोई राह न सूझी तो क्रोध का शमन करने के लिए उसमें शक्ति भर उठी। उसने तलवार अपनी ओर खींचा और तताँरा ने धरती में दरार डाल दी।”
उत्तर:
इस कथन का आशय है कि तताँरा वामीरो तथा अपने प्रेम के अपमान और
सामाजिक रूढ़ि के कारण अत्यंत क्रोधित था। उसे कोई समाधान दिखाई नहीं दे रहा था।
क्रोध में उसने अपनी अद्भुत तलवार का प्रयोग किया। तलवार को अपनी ओर खींचने पर
धरती फट गई और उसमें बड़ी दरार पड़ गई।
2. “बस आस की एक किरण थी जो समुद्र की ढेर पर डूबती किरणों की तरह कभी भी डूब सकती थी।”
उत्तर:
इस कथन का आशय है कि तताँरा वामीरो के आने की प्रतीक्षा कर रहा था।
उसके मन में उससे मिलने की उम्मीद तो थी, लेकिन
साथ ही यह डर भी था कि शायद वामीरो आए ही न। इसलिए उसकी
आशा समुद्र में डूबती सूर्य-किरणों की तरह कभी भी समाप्त हो सकती थी।
🔵 भाषा-अध्ययन
1. वाक्य का प्रकार पहचानिए
(क) “निकोबारी उसे बेहद प्रेम करते थे।”
उत्तर: विधानवाचक वाक्य
(ख) “तुमने एकाएक इतना मधुर गाना क्यों छोड़ दिया?”
उत्तर: प्रश्नवाचक वाक्य
(ग) “वामीरो की माँ क्रोध में उठी।”
उत्तर: विधानवाचक वाक्य
(घ) “क्या तुम्हें गाँव का नियम नहीं मालूम?”
उत्तर: प्रश्नवाचक वाक्य
(ङ) “वाह! कितना सुंदर नाम है!”
उत्तर: विस्मयादिबोधक वाक्य
(च) “मैं तुम्हारा रास्ता छोड़ दूँगा।”
उत्तर: विधानवाचक वाक्य
🔵 2. मुहावरों का वाक्य में प्रयोग
(क) सुख-दुख बाँटना
वाक्य: सच्चे मित्र हमेशा एक-दूसरे के सुख-दुख बाँटते हैं।
(ख) बाट जोहना
वाक्य: माँ अपने बेटे के घर लौटने की बाट जोहती रही।
(ग) खुशी का ठिकाना न रहना
वाक्य: परीक्षा में प्रथम आने पर मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
(घ) आम बुरा होना
वाक्य: बहुत देर तक धूप में रहने से उसका आम बुरा हो गया।
(ङ) आवाज उठाना
वाक्य: अन्याय के विरुद्ध सभी लोगों को आवाज उठानी चाहिए।
🔵 3. मूल शब्द और प्रत्यय
|
शब्द |
मूल शब्द |
प्रत्यय |
|
चर्चित |
चर्च |
इत |
|
साहसिक |
साहस |
इक |
|
छटपटाहट |
छटपट |
आहट |
|
शब्दहीन |
शब्द |
हीन |
🔵 4. उचित उपसर्ग लगाकर शब्द बनाइए
|
उपसर्ग + शब्द |
नया शब्द |
|
अन + आकस्मिक |
अनाकस्मिक |
|
अ + ज्ञात |
अज्ञात |
|
सु + कोमल |
सुकोमल |
|
बे + होश |
बेहोश |
|
अ + घटना |
अघटना |
यहाँ उत्तर पाठ में दिए गए अभ्यास के शब्द-संयोजन के अनुसार रखे गए हैं।
🔵 5. निर्देशानुसार वाक्य बदलिए
(क) मिश्र वाक्य → सरल वाक्य
मूल: जीवन में पहली बार मैं इस तरह विचलित हुआ हूँ।
सरल: जीवन में पहली बार मैं इस तरह विचलित हुआ हूँ।
(ख) संयुक्त वाक्य → सरल वाक्य
मूल: फिर तेज कदमों से चलती हुई तताँरा के सामने आकर ठिठक गई।
सरल: तेज कदमों से चलती हुई वह तताँरा के सामने ठिठक गई।
(ग) सरल वाक्य → संयुक्त वाक्य
मूल: वामीरो कुछ सोचते हुए घर की तरफ दौड़ी।
संयुक्त: वामीरो कुछ सोचती रही और वह घर की तरफ दौड़ पड़ी।
(घ) संयुक्त वाक्य → सरल वाक्य
मूल: तताँरा को देखकर वह फूटकर रोने लगी।
सरल: तताँरा को देखकर वह फूट-फूटकर रोने लगी।
(ङ) मिश्र वाक्य → सरल वाक्य
मूल: रीति के अनुसार दोनों को एक ही गाँव का होना आवश्यक था।
सरल: रीति के अनुसार दोनों का एक ही गाँव का होना आवश्यक था।
🔵 6. ‘और’ शब्द के विभिन्न प्रयोग
(क) “पास में सुंदर और शक्तिशाली युवक रहता था।”
यहाँ ‘और’ दो विशेषणों—सुंदर तथा शक्तिशाली—को जोड़ रहा है।
(ख) “वह एक सुंदर और प्रभावशाली युवती थी।”
यहाँ ‘और’ दो विशेषणों को जोड़ रहा है।
(ग) “एक आकृति कुछ साफ हुई... कुछ और... कुछ और...”
यहाँ ‘और’ का प्रयोग क्रमशः धीरे-धीरे अधिक स्पष्ट होने के अर्थ में हुआ है।
(घ) “अचानक वामीरो कुछ सोचते हुई और घर की तरफ दौड़ पड़ी।”
यहाँ ‘और’ दो उपवाक्यों/क्रियाओं को जोड़ने का कार्य करता है।
(ङ) “वामीरो का दुख उसे और गहरा कर रहा था।”
यहाँ ‘और’ का अर्थ अधिकता के रूप में है।
(च) “उसने थोड़ा और करीब जाकर पहचानने की चेष्टा की।”
यहाँ ‘और’ का अर्थ अधिक करीब अर्थात निकटता बढ़ाने के अर्थ में है।
🔵 7. विलोम शब्द
|
शब्द |
विलोम |
|
भय |
निर्भयता |
|
मधुर |
कटु |
|
सत्य |
असत्य |
|
मूक |
वाचाल |
|
तरल |
ठोस |
|
उपस्थित |
अनुपस्थित |
|
सुखद |
दुखद |
🔵 8. दो-दो पर्यायवाची शब्द
|
शब्द |
पर्यायवाची |
|
समुद्र |
सागर, सिंधु |
|
आँख |
नेत्र, नयन |
|
दिन |
दिवस, वार |
|
अँधेरा |
अंधकार, तम |
|
मुँह |
मुख, वदन |
🔵 9. दिए गए शब्दों का वाक्यों में प्रयोग
(क) किंकर्तव्यविमूढ़
अचानक आई समस्या को देखकर वह किंकर्तव्यविमूढ़ हो गया।
(ख) विकल
वामीरो के न आने पर तताँरा विकल हो उठा।
(ग) व्याकुल
वामीरो तताँरा को खोकर बहुत व्याकुल हो गई।
(घ) आकुल
अपने प्रिय को संकट में देखकर वह आकुल हो उठी।
🔵 10. “किसी तरह अधीरचित एक ठंडा और उजास दिन गुजरने लगा।”
यहाँ ‘दिन’ के लिए प्रयुक्त विशेषण हैं:
- ठंडा
- उजास
- अधीरचित
अपने दिन के लिए तीन विशेषण
सुहाना, व्यस्त, आनंदमय।
उदाहरण:
आज का दिन सुहाना, व्यस्त और आनंदमय रहा।
🔵 11. ‘देखना’ क्रिया के विभिन्न शब्द-प्रयोग
पाठ में ‘देखना’ के कई रूप आए हैं:
- आँखें केंद्रित करना
- नज़र पड़ना
- निहारना
- टकना
- घूरना
इनके अर्थ
निहारना — प्रेम या ध्यान से देखना।
घूरना — लगातार/तीखी दृष्टि से देखना।
टकना — एकटक देखते रहना।
नज़र पड़ना — अचानक दिखाई देना।
आँखें केंद्रित करना — ध्यानपूर्वक
किसी वस्तु को देखना।
इसी प्रकार ‘बोलना’ के प्रयोग हो सकते हैं—
कहना, बताना, पुकारना,
चिल्लाना, फुसफुसाना, घोषणा
करना।
🔵 12. पदबंध
कई पदों के योग से बने वाक्यांश को पदबंध कहते हैं। इसके मुख्य प्रकार हैं:
- संज्ञा पदबंध
- विशेषण पदबंध
- क्रिया पदबंध
- क्रियाविशेषण पदबंध
रेखांकित पदबंधों का प्रकार
(क) “उसकी कल्पना
में वह एक अद्भुत साहसी युवक था।”
➡️ विशेषण पदबंध
(ख) “तताँरा को
मानो कुछ होश आया।”
➡️ क्रिया पदबंध
(ग) “वह
भागा-भागा वहाँ पहुँच जाता।”
➡️ क्रिया पदबंध
(घ) “तताँरा की
तलवार पर विलक्षण रूप था।”
➡️ विशेषण पदबंध
(ङ) “उसकी आँखें
आँसुओं से भरी थीं।”
➡️ क्रिया पदबंध
🟣 योग्यता-विस्तार
1. विभिन्न प्रदेशों की लोककथाओं का अध्ययन
उत्तर:
भारत के विभिन्न प्रदेशों में लोककथाओं की समृद्ध परंपरा रही है।
पंचतंत्र, राजस्थान की वीर-गाथाएँ, उत्तर
प्रदेश की लोककथाएँ, बंगाल की लोककथाएँ तथा उत्तर-पूर्व की
जनजातीय कथाएँ भारतीय लोकजीवन, संस्कृति, परंपराओं और मान्यताओं को दर्शाती हैं।
2. अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह की भौगोलिक स्थिति
उत्तर:
अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी भाग
में स्थित द्वीपसमूह है। यह अनेक छोटे-बड़े द्वीपों से मिलकर बना है। पाठ में
लिटिल अंडमान और कार-निकोबार का विशेष उल्लेख किया गया है।
3. अंडमान-निकोबार की प्रमुख जनजातियाँ
उत्तर:
अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में विभिन्न आदिवासी समुदाय रहते हैं।
इनमें निकोबारी, शॉम्पेन, जारवा,
ओंगे और सेंटिनली प्रमुख जनजातीय समुदायों
में गिने जाते हैं। इनकी अपनी विशिष्ट भाषा, संस्कृति,
जीवनशैली और परंपराएँ हैं।
4. दिसंबर 2004 की सुनामी का प्रभाव
उत्तर:
दिसंबर 2004 की सुनामी ने अंडमान-निकोबार
द्वीपसमूह को बहुत प्रभावित किया। समुद्र की विशाल लहरों से तटीय क्षेत्रों में
भारी तबाही हुई, अनेक लोगों की जान गई और बड़ी संख्या में घर
तथा संपत्ति नष्ट हुई। इस प्राकृतिक आपदा ने द्वीपों के जनजीवन को लंबे समय तक
प्रभावित किया।
🟠 परियोजना कार्य
प्रश्न:
अपने घर-परिवार के बुजुर्ग सदस्यों से कुछ लोककथाएँ सुनिए। उन कथाओं को अपने शब्दों में कक्षा में सुनाइए।
✍️ विद्यार्थी के लिए नमूना
मैंने अपने परिवार के एक बुजुर्ग सदस्य से एक लोककथा सुनी। कथा में एक गरीब किसान अपनी मेहनत और ईमानदारी के कारण कठिन परिस्थितियों से बाहर निकलता है। उसने कभी किसी के साथ धोखा नहीं किया और हमेशा जरूरतमंद लोगों की सहायता की। अंत में उसकी ईमानदारी और मेहनत का फल मिला।
इस लोककथा से मुझे यह शिक्षा मिली कि ईमानदारी, परिश्रम और अच्छे व्यवहार का परिणाम हमेशा अच्छा होता है।
⭐ परीक्षा के लिए अति महत्वपूर्ण प्रश्न
इस पूरे अध्याय से विद्यार्थी इन प्रश्नों को विशेष रूप से तैयार करें:
1. तताँरा का चरित्र-चित्रण कीजिए।
2. वामीरो के चरित्र की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
3. तताँरा-वामीरो के प्रेम में सबसे बड़ी बाधा क्या थी?
4. तताँरा की तलवार को लेकर निकोबारियों का क्या विश्वास था?
5. तताँरा-वामीरो की त्यागमयी मृत्यु से समाज में क्या परिवर्तन आया?
6. “रूढ़ियाँ जब बंधन बन बोझ बनने लगीं तब उनका टूट जाना ही अच्छा है”—स्पष्ट कीजिए।
7. तताँरा और वामीरो की कथा से क्या संदेश मिलता है?
8. पाठ में प्राकृतिक सौंदर्य का चित्रण कीजिए।
9. तताँरा के व्यक्तित्व की विशेषताएँ बताइए।
10. ‘तताँरा-वामीरो कथा’ में प्रेम और सामाजिक रूढ़ियों के संघर्ष को स्पष्ट कीजिए।
🔄 Quick Revision
तताँरा कौन था? → नेक, साहसी और मददगार युवक।
वामीरो कौन थी? → लपाती गाँव की सुंदर
युवती।
तताँरा का गाँव? → पासा।
वामीरो का गाँव? → लपाती।
मुख्य बाधा? → अलग-अलग गाँवों में
विवाह न होने की रूढ़ि।
तताँरा की विशेष वस्तु? → दैवीय शक्ति
वाली लकड़ी की तलवार।
मुख्य घटना? → तलवार के कारण धरती का
फटना।
अंतिम परिवर्तन? → अलग-अलग गाँवों में
वैवाहिक संबंधों की शुरुआत।
🎯 लीलाधर मंडलोई - जीवन परिचय
🎯 लीलाधर मंडलोई - तताँरा-वामीरो कथा,प्रसंग, व्याख्या, कठिन शब्दार्थ
🎯 लीलाधर मंडलोई - तताँरा-वामीरो कथा, प्रश्न - उत्तर
🎯 लीलाधर मंडलोई - तताँरा-वामीरो कथा, पूरा पाठ
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