जीवन की प्रक्रियाएँ (Life Processes)

 


जीवन की प्रक्रियाएँ (Life Processes)


 

जीवन की प्रक्रियाएँ (Life Processes) जीव विज्ञान का एक महत्वपूर्ण विषय है जिसमें सभी जीवों के शरीर में होने वाली आवश्यक प्रक्रियाओं का अध्ययन किया जाता है। ये प्रक्रियाएँ जीवन को बनाए रखने और जीवों की दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए आवश्यक हैं। इनमें प्रमुख प्रक्रियाएँ पोषण (Nutrition), श्वसन (Respiration), परिवहन (Transportation), और उत्सर्जन (Excretion) हैं। आइए इन प्रक्रियाओं को विस्तार से समझते हैं:


 

 

 

 


1. पोषण (Nutrition)


 

पोषण का अर्थ है भोजन ग्रहण करना और उसे शरीर के उपयोग के योग्य बनाना। जीवों को ऊर्जा प्राप्त करने के लिए पोषण की आवश्यकता होती है। पोषण को मुख्य रूप से दो प्रकारों में वर्गीकृत किया जा सकता है:

 

 (a) स्वपोषी पोषण (Autotrophic Nutrition) 

\- वे जीव जो स्वयं भोजन का निर्माण करते हैं, स्वपोषी कहलाते हैं। 

\- ये सूर्य के प्रकाश का उपयोग करके जल और कार्बन डाइऑक्साइड से भोजन का निर्माण करते हैं। 

\- यह प्रक्रिया प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) कहलाती है। 

उदाहरण: हरे पौधे, कुछ शैवाल, और कुछ बैक्टीरिया। 


 

प्रकाश संश्लेषण का समीकरण: 

6CO2 + 6 H2O + Sunlight 🠚  C6H12O6 + 6 O2  

शब्दों में: 

कार्बन डाइऑक्साइड + जल + सूर्य का प्रकाश 🠚 ग्लूकोज़ (शर्करा) + ऑक्सीजन


 

(b) परपोषी पोषण (Heterotrophic Nutrition) 

\- वे जीव जो अन्य जीवों पर निर्भर रहते हैं, परपोषी कहलाते हैं। 

\- इनमें भोजन को पचाने के लिए विभिन्न पद्धतियाँ होती हैं। 

उदाहरण: मानव, पशु, कवक।

 

परपोषी पोषण के प्रकार: 

i. परजीवी (Parasitic): ये जीव अन्य जीवों के शरीर में या शरीर के ऊपर रहकर पोषण प्राप्त करते हैं। जैसेकृमि, लीची। 

ii. सपोषी (Saprotrophic): ये सड़े-गले पदार्थों से पोषण प्राप्त करते हैं। जैसेकवक। 

iii. ग्रहण करने वाले (Holozoic): ये भोजन को ग्रहण करके पाचन क्रिया करते हैं। जैसेमानव।


 

 

 

 


2. श्वसन (Respiration)


 

श्वसन का अर्थ है भोजन से ऊर्जा का उत्पादन करना। यह प्रक्रिया ऑक्सीजन की उपस्थिति या अनुपस्थिति में हो सकती है।

 

 (a) एरोबिक श्वसन (Aerobic Respiration) 

\- यह प्रक्रिया ऑक्सीजन की उपस्थिति में होती है। 

\- इसमें ग्लूकोज का ऑक्सीकरण करके ऊर्जा, जल और कार्बन डाइऑक्साइड का निर्माण होता है। 

समीकरण: 

C6H12O6 + 6 O2 🠚 6 CO2 + 6 H2O + Energy   

शब्दों में: 

ग्लूकोज़ + ऑक्सीजन 🠚 कार्बन डाइऑक्साइड + जल + ऊर्जा 

 

 (b) एनारोबिक श्वसन (Anaerobic Respiration) 

\- यह प्रक्रिया ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में होती है। 

\- इसमें आंशिक रूप से ग्लूकोज का विघटन होता है, जिससे ऊर्जा और अन्य उप-उत्पाद जैसे अल्कोहल या लैक्टिक एसिड बनते हैं। 

उदाहरण: यीस्ट में अल्कोहल का निर्माण, मांसपेशियों में लैक्टिक एसिड का निर्माण।


 

 

 

 


3. परिवहन (Transportation)


 

परिवहन का अर्थ है शरीर के एक भाग से दूसरे भाग में पदार्थों का स्थानांतरण। यह प्रक्रिया पौधों और जानवरों में भिन्न होती है।

 

(a) पौधों में परिवहन (Transportation in Plants) 

\- जल और खनिजों का परिवहन: जल और खनिज जड़ों द्वारा अवशोषित होते हैं और जाइलम ऊतक (Xylem tissue) के माध्यम से पौधे के ऊपरी भागों तक पहुंचते हैं। 

\- भोजन का परिवहन: पत्तियों में बनने वाला भोजन फाइलम (Phloem) के माध्यम से पौधे के सभी भागों में पहुँचता है। इसे सजीव परिवहन (Translocation) कहते हैं।


 

(b) मानव में परिवहन (Transportation in Humans) 

\- रक्त परिवहन तंत्र (Circulatory System): 

   - हृदय (Heart) रक्त को पंप करता है। 

   - धमनियां (Arteries), शिराएं (Veins), और केशिकाएं (Capillaries) रक्त को शरीर के विभिन्न भागों में ले जाती हैं। 

   - रक्त में प्लाज्मा, लाल रक्त कोशिकाएं (RBC), सफेद रक्त कोशिकाएं (WBC), और प्लेटलेट्स होते हैं। 


 

 

 

 


4. उत्सर्जन (Excretion)


 

उत्सर्जन का अर्थ है शरीर में बनने वाले अवांछित और विषैले पदार्थों को बाहर निकालना।

 

(a) पौधों में उत्सर्जन (Excretion in Plants) 

\- पौधे अतिरिक्त जल को वाष्पोत्सर्जन (Transpiration) के माध्यम से बाहर निकालते हैं। 

\- अवांछित पदार्थ पत्तियों, छाल, या गोंद के रूप में भी बाहर निकाले जाते हैं।


 

(b) मानव में उत्सर्जन (Excretion in Humans) 

\- मूत्र निर्माण तंत्र (Excretory System): 

   - इसमें दो गुर्दे (Kidneys), मूत्रवाहिनी (Ureter), मूत्राशय (Bladder), और मूत्रमार्ग (Urethra) शामिल हैं। 

   - रक्त से विषैले पदार्थों को छानकर मूत्र के रूप में बाहर निकाला जाता है। 

\- पसीना (Sweat): शरीर से पानी, लवण और अन्य अपशिष्ट पदार्थ पसीने के रूप में बाहर निकलते हैं।


 

 

 

 


निष्कर्ष (Conclusion)

जीवन की ये प्रक्रियाएँ जीवों के समुचित कार्य और संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इन प्रक्रियाओं के माध्यम से जीव भोजन प्राप्त करते हैं, ऊर्जा उत्पन्न करते हैं, पदार्थों का परिवहन करते हैं, और अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालते हैं।


 

 

 

 


यदि आप किसी विशेष प्रक्रिया के बारे में अधिक जानकारी चाहते हैं, तो कृपया कमेण्ट करके बताएं।


 

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