निदा फ़ाज़ली : अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले — प्रश्न-अभ्यास (Nida Fazli : Ab Kaha Dusre Ke Dukh Se Dukhi Hone Wale — Question Answer)
📖 निदा फ़ाज़ली — अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले
(Nida Fazli - Ab Kaha Dusre ke Dukh Se Dukhi Hone Wale) Class 10 Hindi Sparsh
प्रश्न-अभ्यास
मौखिक
प्रश्न 1. बड़े-बड़े बिल्डर समुद्र को पीछे क्यों धकेल रहे थे?
उत्तर: बड़े-बड़े बिल्डर समुद्र को पीछे धकेलकर उसकी जमीन को हथियाना चाहते थे। वे उस जमीन पर निर्माण करके अपने व्यावसायिक लाभ को बढ़ाना चाहते थे।
प्रश्न 2. लेखक का घर किस शहर में था?
उत्तर: लेखक का घर ग्वालियर में था।
प्रश्न 3. जीवन कैसे घोर में सिमटने लगा है?
उत्तर: बढ़ती हुई आबादी और शहरीकरण के कारण बड़े-बड़े खुले स्थान और आँगन समाप्त होते जा रहे हैं। अब जीवन छोटे-छोटे डिब्बे जैसे घरों में सिमटने लगा है।
प्रश्न 4. कबूतर परेशानी में इधर-उधर क्यों फड़फड़ा रहे थे?
उत्तर: बिल्ली द्वारा उनका एक अंडा तोड़ दिए जाने और दूसरा अंडा भी टूट जाने के कारण कबूतर बहुत परेशान और दुखी होकर इधर-उधर फड़फड़ा रहे थे।
लिखित
(क) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25–30 शब्दों में) लिखिए
प्रश्न 1. अरब में सुलेमान को हजरत सुलेमान के नाम से याद करते हैं?
उत्तर: सुलेमान को अरब में हजरत सुलेमान के नाम से याद किया जाता है। वे सभी जीव-जंतुओं की भाषा समझते थे और उनके प्रति संवेदनशील थे।
प्रश्न 2. लेखक की माँ किस समय पेड़ों के पत्ते तोड़ने के लिए मना करती थीं और क्यों?
उत्तर: लेखक की माँ सूरज ढलने के बाद पेड़ों के पत्ते तोड़ने से मना करती थीं, क्योंकि उनका मानना था कि पेड़ भी जीवित हैं और उन्हें दुख होता है।
प्रश्न 3. प्रकृति में आए असंतुलन का क्या परिणाम हुआ?
उत्तर: प्रकृति के असंतुलन के कारण अत्यधिक गर्मी, असमय वर्षा, जलजले, सैलाब, तूफान और नए-नए रोग जैसी समस्याएँ उत्पन्न हुईं।
प्रश्न 4. लेखक की माँ ने पूरे दिन क्या रखा?
उत्तर: लेखक की माँ ने कबूतर का अंडा टूट जाने की गलती के लिए ईश्वर से क्षमा माँगने के उद्देश्य से पूरे दिन रोज़ा रखा और कुछ खाया-पिया नहीं।
प्रश्न 5. लेखक ने ग्वालियर से मुंबई तक किन बदलावों को महसूस किया? पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: लेखक ने देखा कि जहाँ पहले जंगल, पेड़, पक्षी और जानवर थे, वहाँ अब बड़ी-बड़ी बस्तियाँ बन गई हैं। इससे अनेक जीवों के प्राकृतिक घर छिन गए हैं।
प्रश्न 6. ‘टेसू ढेला’ से आप क्या समझते हैं? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: नोट: इस प्रश्न का मूल शब्द PDF की छवि में स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रहा है। इसलिए स्रोत के आधार पर इसका उत्तर अनुमान से नहीं दिया जा रहा है।
प्रश्न 7. शेख अयाज़ के पिता अब्बू जब काला च्योंटा रेंगता देख भोजन छोड़ कर क्यों उठ खड़े हुए?
उत्तर: शेख अयाज़ के पिता ने काला च्योंटा देखा तो उन्हें लगा कि उन्होंने किसी जीव को उसके घर से बेघर कर दिया है। इसी कारण वे उसे उसके घर छोड़ने चले गए।
लिखित
(ख) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50–60 शब्दों में) लिखिए
प्रश्न 1. बढ़ती हुई आबादी का पर्यावरण पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर: बढ़ती हुई आबादी के कारण प्राकृतिक स्थानों पर मनुष्य का कब्जा बढ़ता गया। जंगल और पेड़ काटे गए तथा समुद्र के किनारों तक बस्तियाँ बसाई गईं। इससे पक्षियों और पशुओं के प्राकृतिक घर छिन गए। साथ ही प्रदूषण बढ़ने से पर्यावरण का संतुलन बिगड़ा और गर्मी, असमय वर्षा, बाढ़, तूफान तथा नए रोग जैसी समस्याएँ बढ़ीं।
प्रश्न 2. लेखक को पानी की खिड़की में जाली क्यों लगानी पड़ी?
उत्तर: लेखक के घर में दो कबूतरों ने मचान पर घोंसला बना लिया था। वे बार-बार घर में आते-जाते थे और कभी-कभी चीजें गिराकर तोड़ देते थे तथा लेखक की लाइब्रेरी में घुसकर किताबों को परेशान करते थे। रोज-रोज की इस परेशानी से तंग आकर लेखक की पत्नी ने उनके आने-जाने की खिड़की पर जाली लगवा दी।
प्रश्न 3. समुद्र के गुस्से का क्या नतीजा हुआ? उसने अपना गुस्सा कैसे निकाला?
उत्तर: मनुष्य द्वारा समुद्र को लगातार पीछे धकेले जाने से समुद्र का क्षेत्र सिमटता गया। अंततः उसका गुस्सा भयंकर रूप में सामने आया। उसने अपनी लहरों पर दौड़ते हुए तीन जहाजों को उठाकर बच्चों की गेंद की तरह अलग-अलग दिशाओं में फेंक दिया। जहाज वर्ली, बांद्रा और गेट-वे-ऑफ इंडिया के पास जाकर क्षतिग्रस्त हो गए।
प्रश्न 4.
“मुद्दी से मुट्ठी मिले,
खो के सभी निशाना।
किसमें कितना कौन है,
कैसे हो पहचानना।”
इन पंक्तियों के माध्यम से लेखक क्या कहना चाहता है? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: इन पंक्तियों के माध्यम से लेखक कहना चाहता है कि मनुष्य के भीतर कितनी संवेदना और करुणा है, इसे बाहरी रूप से पहचानना कठिन है। जैसे बंद मुट्ठी के अंदर क्या है, यह दिखाई नहीं देता, वैसे ही व्यक्ति के मन की भावनाओं को आसानी से नहीं पहचाना जा सकता।
लिखित
(ग) निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए
प्रश्न 1. नेचर की सहनशक्ति की एक सीमा होती है। नेचर के गुस्से का एक नमूना कुछ साल पहले बंबई में देखने को मिला था।
उत्तर: इस कथन का आशय है कि प्रकृति मनुष्य द्वारा किए जा रहे अत्याचार को हमेशा सहन नहीं कर सकती। जब मनुष्य प्रकृति के साथ अत्यधिक छेड़छाड़ करता है और प्राकृतिक संतुलन बिगाड़ता है, तो प्रकृति विनाशकारी रूप धारण कर सकती है। मुंबई में समुद्र को पीछे धकेलने के बाद समुद्र का भयंकर रूप इसी बात का उदाहरण है।
प्रश्न 2. “जो जितना बड़ा होता है उसे उतना ही कम गुस्सा आता है।”
उत्तर: इस कथन का आशय है कि महान और शक्तिशाली व्यक्ति सामान्यतः धैर्यवान होता है और छोटी-छोटी बातों पर क्रोधित नहीं होता। लेकिन जब उसकी सहनशक्ति की सीमा समाप्त हो जाती है, तब उसका क्रोध बहुत प्रभावशाली और रोक पाना कठिन हो सकता है।
प्रश्न 3. “इस बस्ती ने न जाने कितने परिंदों-चारिंदों से उनका घर छीन लिया है। इनमें से कुछ शहर छोड़कर चले गए हैं, जो नहीं जा सके हैं उन्होंने यहाँ-वहाँ डेरा डाल लिया है।”
उत्तर: लेखक कहना चाहता है कि मनुष्य ने अपनी बढ़ती आबादी और बस्तियों के विस्तार के कारण पक्षियों और जानवरों के प्राकृतिक आवास नष्ट कर दिए हैं। जिन जीवों के घर छिन गए, उनमें से कुछ दूसरी जगह चले गए और जो नहीं जा सके, उन्होंने नई जगहों पर अपना ठिकाना बना लिया।
प्रश्न 4. शेख अयाज़ के पिता बोले, “नहीं, यह बात नहीं है। मैंने एक घर वाले को बेघर कर दिया है। उस बेघर को कुएँ पर उसके घर छोड़ने जा रहा हूँ।” इस गद्यांश में छिपी हुई भावना को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: इस कथन में जीव-जंतुओं के प्रति गहरी संवेदना और करुणा की भावना छिपी है। शेख अयाज़ के पिता ने च्योंटे को अपने घर से दूर कर दिया था। उन्हें इसका एहसास हुआ तो उन्होंने भोजन छोड़ दिया और च्योंटे को उसके घर वापस छोड़ने चले गए।
भाषा-अध्ययन
प्रश्न 1. उदाहरण के अनुसार निम्नलिखित वाक्यों में कारक चिह्नों को पहचानकर रेखांकित कीजिए और उनके नाम किस स्थान में लिखिए।
(क) माँ ने भोजन परोसा।
उत्तर: ने — कर्ता कारक
(ख) मैं किसी के लिए मुसीबत नहीं हूँ।
उत्तर: के लिए — संप्रदान कारक
(ग) मैंने एक घर वाले को बेघर कर दिया।
उत्तर: को — कर्म कारक
(घ) कबूतर परेशानी में इधर-उधर फड़फड़ा रहे थे।
उत्तर: में — अधिकरण कारक
(ङ) दरिया पर जाओ तो उसे सलाम किया करो।
उत्तर: पर — अधिकरण कारक
प्रश्न 2. नीचे दिए गए पशु शब्दों के बहुवचन रूप लिखिए।
उत्तर:
- चूहा — चूहे
- घोड़ा — घोड़े
- आवाज़ — आवाज़ें
- बिल्ली — बिल्लियाँ
- फूल — फूल
- नदी — नदियाँ
- परिंदा — परिंदे
- कुर्सी — कुर्सियाँ
- सज़ा — सज़ाएँ
- नाज़ — नाज़
- जरा — जराएँ
- तेज — तेज़
प्रश्न 3. ध्यान दीजिए, इन शब्दों में एक ही शब्द के अर्थ में परिवर्तन हो जाता है।
उत्तर: इस प्रश्न में दिए गए शब्दों के अर्थ उनके प्रयोग के अनुसार बदलते हैं। जैसे “डरा” शब्द किसी को भयभीत करने के अर्थ में तथा “डर” भय की स्थिति के अर्थ में प्रयुक्त हो सकता है। इसी प्रकार पाठ में आए शब्दों का अर्थ उनके संदर्भ के अनुसार समझना चाहिए।
शब्द-प्रयोग
प्रश्न 4. निम्नलिखित वाक्यों में उचित शब्द भरकर वाक्य पूरे कीजिए।
(क) आजकल __________ बहुत खराब है। (ज़माना/जमाना)
उत्तर: आजकल ज़माना बहुत खराब है।
(ख) पूरे कमरे को __________ दो। (सज़ा/सजा)
उत्तर: पूरे कमरे को सजा दो।
(ग) __________ चीनी तो देना। (जरा/ज़रा)
उत्तर: ज़रा चीनी तो देना।
(घ) माँ दही __________ भूल गई। (जमाना/ज़माना)
उत्तर: माँ दही जमाना भूल गई।
(ङ) दोषी को __________ दी गई। (सज़ा/सजा)
उत्तर: दोषी को सज़ा दी गई।
(च) महात्मा के चेहरे पर __________ था। (तेज/तेज़)
उत्तर: महात्मा के चेहरे पर तेज़ था।
योग्यता विस्तार
प्रश्न 1. पशु-पक्षी एवं वन्य संरक्षण केंद्रों में जाकर पशु-पक्षियों की सेवा-सुश्रुषा के संबंध में जानकारी प्राप्त कीजिए।
उत्तर: पशु-पक्षी एवं वन्य संरक्षण केंद्रों में घायल, बीमार और असहाय पशु-पक्षियों की देखभाल की जाती है। वहाँ उनके भोजन, उपचार और सुरक्षित रहने की व्यवस्था की जाती है। ऐसे केंद्रों से हमें पशु-पक्षियों के संरक्षण और उनके प्रति संवेदनशील व्यवहार की जानकारी मिलती है।
परियोजना कार्य
प्रश्न 1. अपने आसपास प्रतिवर्ष एक पौधा लगाइए और उसकी समुचित देखभाल कर पर्यावरण में आए असंतुलन को रोकने में अपना योगदान दीजिए।
उत्तर: प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिवर्ष कम-से-कम एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल करनी चाहिए। पौधे को समय पर पानी देना, उसकी सुरक्षा करना और आवश्यकता के अनुसार खाद देना चाहिए। इससे हरियाली बढ़ेगी, पर्यावरण संतुलित रहेगा और प्रदूषण कम करने में सहायता मिलेगी।
प्रश्न 2. किसी ऐसी घटना का वर्णन कीजिए जब अपने मनोरंजन के लिए मानव द्वारा पशु-पक्षियों का उपयोग किया गया हो।
उत्तर: कई बार मनोरंजन के लिए पशु-पक्षियों को पिंजरे में बंद करके लोगों के सामने प्रदर्शित किया जाता है। सर्कस और कुछ अन्य स्थानों पर भी पशुओं से विभिन्न करतब करवाए जाते रहे हैं। ऐसी घटनाएँ यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि मनोरंजन के लिए पशु-पक्षियों को कष्ट देना उचित है या नहीं।
🎯 निदा फ़ाज़ली - जीवन परिचय
🎯 निदा फ़ाज़ली - अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले, प्रसंग, व्याख्या, कठिन शब्दार्थ
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